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आक्रोश का कोरस
ISBN:
9788192289830
Status:
Available
Price:
200/- 160/-
Author/Editor:
चंद्रकांत पाटील
Publisher:
शब्द पब्लिकेशन
Binding:
पेपर बुक
Pages:
164
Language:
हिंदी
Edition:
पहिली

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आक्रोश का कोरस नामदेव ढसाळ का जन्म 15 फरवरी 1949 में पूर-कनेरसर देहात में (जिल्हा पुणे, महाराष्ट्र) में हुआ है। शालान्त परीक्षा की शिक्षा के बाद (एस्.एस्.सी.) फाइन आर्ट का एक वर्ष का डिप्लोमा किया। मुम्बई में रह कर टॅक्सी ड्राइवर से ले कर कई छोटी छोटी नौकरियाँ की। अपनी युवावस्था पहले राम मनोहर लोहिया और बाद में साम्यवादी विचारधारा से प्रतिबध्द हो कर 1973 में अन्य दो-तीन साथियों के साथ ‘दलित पॅन्थर’ की स्थापना की, जिसकी भूमिका उन दिनों महाराष्ट्र की राजनीति में महत्त्वपूर्ण रही। 1971 में पहला काव्यसंकलन ‘गोलपिठा’ प्रकाशित हुआ, और तब से आज तक साहित्य में लगातार सक्रिय है। दलित कविता के शीर्षस्थ कवि के रूप में मात्र भारत ही नहीं, विश्वभर ख्याति अर्जित की जिसकी चर्चा व्ही.एस्.नाइपॉल से लेकर कई विदेशी लेखकों ने की। अब तक 11 काव्यसंकलन, चिन्तनपर लेखन की 4 पुस्तकें तथा 2 उपन्यास छप चुके हैं। नामदेव ढसाळ कई राज्यस्तरीय तथा राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित है जिसमें सोविएत लँड नेहरू पुरस्कार (1975) तथा साहित्य अकादमी, दिल्ली की स्वर्णजयंती पर दिया गया जीवनगौरव पुरस्कार विशेष उल्लेखनीय है। 1999 में भारत सरकार की ओर से ‘पद्मश्री’ से सम्मानित हुए है। नामदेव ढसाळ का कई अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य आयोजनों में सहभाग रहा है। 1985 में जागतिक वाल्मिकी काव्योत्सव, नई दिल्ली में, 1985 में रशियन लिटरेचर फेस्टिवल में, 2001 में फ्रँकफर्ट बुक फेअर में, तथा 2008 में लंडन बुक फेअर में आमत्रित थे। उन्होंने दो अंतर्राष्ट्रीय काव्योत्सवों का आयोजन भी किया है। उनकी कविताओं के कई भारतीय तथा विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुए हैं।
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